किसी गैर को भी हकी़र न जानिए। Kisi Gair Ko bhi haqeer na janiye.
शेख अब्दुल्लाह उन्दलुसी रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि हज़रत शिबली रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि के पीर थे। ईसाईयों की बस्ती के करीब से गुज़र रहे थे। उस बस्ती …
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शेख अब्दुल्लाह उन्दलुसी रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि हज़रत शिबली रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि के पीर थे। ईसाईयों की बस्ती के करीब से गुज़र रहे थे। उस बस्ती …
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में एक आदमी था। वह बेचारा बहुत ही गरीब था। वह टुकड़े-टुकड़े को तरसता था। एक दफा उनकी हज़रत मूसा …
एक बुजुर्ग किसी रास्ते पर जा रहे थे। उन्होंने एक पत्थर को रोते हुए देखा। उन्होंने पत्थर से पूछा कि तुम क्यों रो रहे हो? …
हारून रशीद की बीवी जुबैदा खातून बड़ी नेक और दीनदार मलिका थी। उनको कुरआन मजीद के साथ इतनी मुहब्बत थी कि उसने अपने घर में …
एक दफा मजनूँ जा रहा था। उन दिनों हज़रत हसन रज़ियल्लाहु अन्हु हज़रत अमीर मुआविया रज़ियल्लाहु अन्हु के हक़ में हुकूमत छोड़ दी थी और …
बारगाहे इलाही में सलमान फारसी रज़ियल्लाहु अन्हु की हौसला अफज़ाई। हज़रत सलमान फारसी रज़ियल्लाहु अन्हु एक सहाबी हैं। वह ईरान में रहते थे। आतिशप्रस्त थे। …
किताबों में एक दिलचस्प और अजीब वाकिआ लिखा है कि एक औरत निहायत ही पाक दामन और नेक थी। वह चाहती थी कि मुझे नबी-ए-करीम …
तीन बार लौटी फ्लाइट, लेकिन हज पर जाने से नहीं रोक सका कोई! ‘गद्दाफी’ नाम वाले अमीर की इमान का मोजजा़। जिसे खुदा बुलाए, उसे …
इब्ने अकी़ल रहमतुल्लाहि ताअला अलैहि अपना वाकिआ लिखते हैं कि मैं बहुत ही ज़्यादा गरीब आदमी था। एक बार मैंने तवाफ करते हुए एक हार …
कुरआन मजीद में एक कौम का ज़िक्र है जिसे क़ौमे तबा कहते हैं। मुफस्सिरीन ने लिखा है के उस ज़माने में उनके दोनों तरफ बागात …