एक मोमिन के लिए सोचने वाली बात। Ek Momin ke liye Sochne wali Baat.
यहाँ एक नुक्ता समझने का यह है कि जो परवर्दिगार दूसरों की नाराज़गी को बरदाश्त नहीं करता, वह अगर खुद किसी बात पर नाराज़ …
Islamic Knowledge
यहाँ एक नुक्ता समझने का यह है कि जो परवर्दिगार दूसरों की नाराज़गी को बरदाश्त नहीं करता, वह अगर खुद किसी बात पर नाराज़ …
एक बुज़ुर्ग बयान फरमाते हैं कि मैं ने एक शख़्स को मस्जिद के एक कोने में आह व ज़ारी के साथ गिड़गिड़ा कर आजज़ी से …
हज़रत अबू हुरैरा(र.अ)से रिवायत है कि आंहज़रत (स.व)ने एक बार अपने सहाबा से सवाल फरमाया, क्या तुम जानते हो कि गरीब कौन है? सहाबा ने …
हज़रत अबू सईद ख़ुदरी (र.अ)से रिवायत है कि नबी करीम(स.व)ने इरशाद फरमाया : जिस शख़्स की तीन बेटियाँ या तीन बहनें हों या दो बेटियाँ …