14/07/2026

बेटियाँ अल्लाह की रहमत हैं, बोझ नहीं | Betiyan Allah Ki Rehmat Hain, Bojh Nahi.

एक बुज़ुर्ग बयान फरमाते हैं कि मैं ने एक शख़्स को मस्जिद के एक कोने में आह व ज़ारी के साथ गिड़गिड़ा कर आजज़ी से …

बेटियों के लिए ज़रूरी हिदायात।Betiyon ke liye zaroori hidayat.

हज़रत अबू सईद ख़ुदरी (र.अ)से रिवायत है कि नबी करीम(स.व)ने इरशाद फरमाया : जिस शख़्स की तीन बेटियाँ या तीन बहनें हों या दो बेटियाँ …