नजर के रोज़े का बयान|Najar ke Roze ka Bayan.
नजर के रोज़े का बयान मस्अला 1:- जब कोई नजर माने, तो उसका पूरा करना वाजिब है। अगर न रखेगी, तो गुनाहगार होगी। मस्अला 2 …
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नजर के रोज़े का बयान मस्अला 1:- जब कोई नजर माने, तो उसका पूरा करना वाजिब है। अगर न रखेगी, तो गुनाहगार होगी। मस्अला 2 …
कज़ा रोज़े :- मस्अला 1:- हैज़ की वजह से या और किसी वजह से जो रोज़े जाते रहे हों, रमज़ान के बाद जहां तक जल्दी …
चांद देखने की दुआ :- अल्लाहुम्मा अहिल्हू अलयना बिल-युमनी वल-ईमानि वस-सलामती वल-इस्लामि, रब्बी व रब्बुका अल्लाह। तर्जुमा- “ऐ अल्लाह! इस चांद को हम पर बरकत, …
क़ब्र के तीन सवाल एक मर्तबा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमायाः “मोमिन बन्दा जब क़ब्र में पहुँचता है, तो उस …
कुरआन शरीफ और हज़रत ज़करिया अलैहिस्सलाम कुरआन में हज़रत ज़करिया अलैहिस्सलाम का ज़िक्र चार सूरतों, आले इमरान, अनआम, मरयम और अंबिया में आया है, उनमें …
खानदान हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम हज़रत याकूब अलैहिस्सलाम के बेटे और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के पड़पाते हैं। उनको यह शरफ़ हासिल है कि वह खुद नबी, …
हज़रत लूत व इब्राहीम अलैहिस्सलाम हज़रत लूत अलैहिस्सलाम हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के भतीजे हैं और उनका बचपन हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ही की निगरानी में गुज़रा …
शहरों की रंगीनियाँ इनसान को अपने अंजाम से बेखबर कर देती है। मौत को याद रखने का आसान तरीक़ा यह है कि जनाज़ों के साथ …
ज़िना की इब्तिदा गैर-महरम को देखने से होती है। इसीलिए शरिअत ने औरतों को घरों में रहने का हुक्म दिया है। अगर शरई ज़रूरत की …